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सेवा

क) निर्यात् प्रोन्नति

ख)      विपणन सहायता

ग)  क्षमता आकलन

घ)  प्रोजेक्ट प्रोफाइल तैयार करना

ङ)   प्रोजेक्ट रिपोर्ट की मुल्यांकन/पुनरीक्षण

च)  तकनीकी-प्रबंधकीय परामर्श सेवा

छ) जिला उद्योग कार्यक्षम सर्वेक्षण

ज)  क्लस्टर अध्ययन

झ)        गुणवत्ता प्रमाणीकरण

 

निर्यात् प्रोन्नति

निर्यात् अनुभाग, एमएसएमई - विकास संस्थान, गंगटोक की क्रियाकलाप

एमएसएमई - विकास संस्थान, गंगटोक का निर्यात् अनुभाग निर्यात् विपणन में प्रबंधन विकास कार्यक्रम आयोजित करता है। 

यह विभिन्न अंतररार्षीय व्यापार मेला/प्रदर्शनी में भाग लेने हेतु विपणन विकास सहायता योजना के अन्तर्गत भारत सरकार द्वारा प्रदत्त सुविधा जैसे, प्रतिपूर्ति हेतु सहायता प्रदान करने के साथ साथ विभिन्न निर्यात् प्रोन्नति योजना संबंधी सूचना देता है।  यह विपणन सूचना, व्यवसायिक पुछताछ और पैकेजिंग आवश्यकताओं पर दिलचस्प उद्यमिओं को निर्यात् व्यवसाय संबंधी जिज्ञासाओं का निराकरण करता है।

 विपणन सहायता

उद्यमिओं के काम का प्राथमिकता है विपणन; एमएसएमई सेक्टर को उनके विपणन प्रयास में सभी संभव सहायता किया जाता है।  इस तरह के सहायता में निम्नलिखित सेवा प्रदान किया जाता है-

1) भारत सरकार के स्टोर-खरीद कार्यक्रम के अन्तर्गत एनएसआईसी पंजीकरण हेतु आवेदन करनेवाले एमएसएमई उद्यमिओं का निरीक्षण किया जाता है और उन्हें एनएसआईसी के अन्तर्गत सूचीबद्ध करने में मदद किया जाता है।  इस सेवा के लिए शुल्क लिया जाता है।  एनएसआईसी में सूचीबद्धता एमएसएमई उत्पाद के प्रदर्शन के साथ साथ विपणन, थोक वितरण, प्रचार व आत्मविश्वास का अपार सुविधा प्रदान करता है। 

2) खरीद नीति की अनुपालन न करने पर होनेवाले शिकायतों का निराकरण संबंधित संगठन, पीएसयू के साथ किया जाता है। 

3) एमएसएमई उद्यमिओं को उन्हें विपणन नेटवर्क को बढ़ाने में भाग लेने हेतु विक्रेता विकास कार्यक्रम, प्रदर्शनी, शिल्प मेला आदि में आंमत्रित की जाती है।  उनके विपणन कौशल और ज्ञान को अद्यतन करने हेतु विपणन प्रबंधन पर लघु प्रशिक्षण कोर्स का आयोजन किया जाता है। 

क्षमता आकलन

एमएसएमई यूनिट अपने उत्पाद के लिए अपर्याप्त कच्चा माल व्यवहार करते हैं जिन्हें उत्पाद क्षमता और कच्चे माल की आवश्यकता का समय समय पर आकलन करना पड़ता है।  एमएसएमई-विकास संस्थान, गंगटोक इस तरह का आकलन करता है और दुर्लभ कच्चे माल को छोड़ने के लिए सक्षम अधिकारी के पास उनकी क्षमता की संस्तुति करता हैं।  एमएसएमई की प्रोन्नति व सशक्तिकरण हेतु नीति निर्धारण के अन्तर्गत यह सेवा सशुल्क है।  एमएसएमई सेक्टर को देशज और आयातित कच्चे माल का पर्याप्त और समरूप वितरण सुनिश्चित किया जाता है।  आवश्यक पड़ने पर यूनिटों का आकलन किया जाता है और कच्चे माल का उसी तरह से आवंटन में प्राथमिकता दी जाती है। 

प्रोजेक्ट प्रोफाइल तैयार करना

विभिन्न मद पर प्रोजेक्ट प्रोफाइल को लघुरूप योजना के रूप में जाना जाता है।  नए उद्यमिओं को उत्पाद के चुनने और/या निवेश पर निर्णय लेने से पहले के प्रक्रिया में यह आवश्यक मार्गदर्शन के रूप में काम करता है।  उद्यमों द्वारा चुने गए मद पर विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने में भी यह मदद करता है।

इस लक्ष्य के साथ एमएसएमई-डीओ के कार्य योजना क्रियाकलाप के अन्तर्गत एमएसएमई-विकास संस्थान, गंगटोक हर साल अनेक नया प्रोजेक्ट प्रोफाइल तैयार करता है।  यह प्रोफाइल उद्यमिओं के संदर्भ हेतु पुस्तकालय में उपलब्ध है।  इसके अलावे भी संदर्भ के लिए आठ भागों में रसायन, खाद्य, यांत्रिक, विद्युत, काँच व मृत्तिका, चर्म व पादुका, धातुकी और इलेक्ट्रानिकी पर मूल्य युक्त प्रोजेक्ट प्रोफाइल की किताबें उपलब्ध हैं।  पीएमईजीपी आदि के अन्तर्गत कार्यान्वयन हेतु सरकारी/आधा सरकारी एजेंसिओं के अनुरोध पर भी प्रोजेक्ट प्रोफाइल तैयार किया जाता है। 

प्रोजेक्ट रिपोर्ट की मुल्यांकन

लघु उद्योग यूनिटों एवं नई उद्यमिओं द्वारा तैयार प्रोजेक्ट रिपोर्ट को सक्षम तकनीकी व्यक्ति द्वारा ठीक से जाँच कराना आवश्यक है, ताकि उनका तकनीकी साध्यता सह वाणिज्यिक व्यवहार्यता का विचार हो।  उद्यमिओं, लघु उद्योग यूनिटों एवं अन्य सरकारी/आधा सरकारी एजेंसिओं को सहायता करने के लिए एमएसएमई-विकास संस्थान, गंगटोक प्रोजेक्ट रिपोर्ट का परिगणन और मूल्यांकन करता है।  इस सेवा के लिए शुल्क लिया जाता है।   

तकनीकी-प्रबंधकीय परामर्श सेवा

एमएसएमई सेक्टर का राज्य में इन उद्योगों के शीघ्र वृद्धि में विशेष सेवा उपलब्ध कराने की आवश्यकता में वृद्धि हो रही है।  नई उत्पाद और मद की पहचान के अलावा, नया कच्चा माल का वृहद् व्यवहार और शोषण भी अस्तित्व में आ रहा है।  सूक्ष्म एवं लघु उद्यम (एमएसई) आर्थिक साधन के साथ साथ सक्षम तकनीकी एवं प्रबंधन अधिकारी की कमी के साथ जुझते हैं।  इस क्षेत्र में एमएसएमई को सहायता करने के लिए एमएसएमई-विकास संस्थान, गंगटोक जरूरतमंद यूनिटों को क्षेत्रीय दौरा के माध्यम से तकनीकी और प्रबंधकीय परामर्श सेवा उपलब्ध करवाते हैं।  अधिकारी निम्नलिखित क्षेत्र में यूनिटों को मार्गदर्शन करने के लिए दौरा करते हैः

         खाका सह प्लांट व मशीनरी की आवश्यकता

         उत्कृष्ट उत्पादन प्रौद्दोगिकी/डिजायन/प्रक्रम का व्यवहार

         यंत्रों में सुधार

         उत्पाद विकास

         विविधिकरण हेतु परामर्श

         प्रबंधन क्षमता में सुधार

         प्रबंधन प्रशिक्षण प्रदान

         विपणन में सुधार

         आर्थिक उपलब्धता

         अन्य पंजीकरण / सरकारी नीति / अन्य एजेंसियों की सहायक सेवा आदि

उपरोक्त सेवा एमएसएमई-विकास संस्थान के कार्यालय के अन्दर और नई उद्यमिओं को पत्राचार द्वारा भी प्रदान किया जाता है।  उपरोक्त सूचीबद्ध क्षेत्र के अलावा एमएसएमई लगाने के इच्छुक नई उद्यमिओं को उत्पाद, अवस्थिति, कच्चा माल, मशीनरी, प्रौद्दोगिकी व अन्य चीजों की चुनाव में मार्गदर्शन किया जाता है। 

जिला उद्योग कार्यक्षम सर्वेक्षण

एमएसएमई-विकास संस्थान, गंगटोक द्वारा अपने कार्यक्षेत्र में आनेवाले एमएसएमई के विकास के लिए उनके संसाधन और कार्यक्षमता का चार जिलों का नियमित सर्वेक्षण किया जाता है।  प्रत्येक जिला हेतु विस्तृत रिपोर्ट तैयार किया जाता है और नीति तैयार करने, आँकड़ा सहायता और अध्ययन हेतु उसे अन्य विकास एजेंसिओं को दिया जाता है।  इसीतरह सिक्किम का राज्य प्रोफाइल, जो आर्थिक अन्वेषण का अत्यावश्यक विषय है, इस संस्थान में उपलब्ध है।  इन सर्वेक्षण रिपोर्टों एवं राज्य प्रोफाइल की अद्यतन प्रतियाँ संस्थान के वेबसाइट में उपलब्ध है। 

क्लस्टर अध्ययन

एमएसएमई सेक्टर में कार्यक्षम और किफायत में सुधार के मद्देनजर एमएसएमई-विकास संस्थान, गंगटोक आधुनीकीकरण और तकनीकी उन्नयन कार्यक्रम का आयोजन करता है।  यूनिट के निवेदन पर वैयक्तिक यूनिट की विशेष अध्ययन को यूनिट-विशेष अध्ययन या इन-प्लांट अध्ययन कहा जाता है। वृहत् उद्यमिओं/क्लस्टरों में इसीतरह का अध्ययन आधुनिकीकरण पर वाणिज्यिक व्यवहार्यता और प्राथमिकता के आधार पर इन उद्यमिओं को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए किया जाता है।  इस तरह के अध्ययन को क्लस्टर अध्ययन कहा जाता है।  सरकारी / आधा सरकारी संगठनों / उद्योग संघों / बैंकों / अन्य आर्थिक संस्थानों के विशेष निवेदन पर क्लस्टर अध्ययन किया जाता है। 

गुणवत्ता प्रमाणीकरण

प्रतियोगी मार्केट में गुणवत्ता प्रमाणीकरण अति आवश्यक है, विशेषकर आधार का दायरा बढ़ाने में।  आईएसओ 9000/14000/एचएसीसीपी प्रमाणीकरण प्राप्त करने के लिए एक यूनिट को भारी लागत चुकाना पड़ता है।

इसीलिए एक योजना तैयार की गई है, जिसमें उन एमएसई को जो आईएसओ 9000/ आईएसओ 14001/ एचएसीसीपी प्रमाणीकरण प्राप्त करने में, उनके लागत के 75% आर्थिक प्रोत्साहन देने हेतु प्रति यूनिट अधिकतम रू. 0.75 लाख तक प्रतिपूर्त किया जाता है।  एमएसएमई यूनिटों को उनके लाभ के लिए गुणवत्ता अभिज्ञता और शिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने के लिए उत्साह प्रदान किया जाता है।